• गुजरात : बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में शक्तिसिंह गोहिल ने सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

    गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा शहर में एक पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया

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    अहमदाबाद। गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा शहर में मंगलवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। यह घटना सुबह 8 बजे धुनवा रोड पर स्थित फैक्ट्री में हुई, जिसमें मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मामूली रूप से घायल हो गए। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य के कर्मचारी पैसे लेकर किसी को भी फायर सेफ्टी का क्लियरेंस दे देते हैं।

    शक्तिसिंह गोहिल ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दर्दनाक हादसा है और 21 लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। किसी भी व्यक्ति की जान का मोल नहीं लगाया जा सकता और मृतकों के परिवार को दी जाने वाली कोई भी सहायता उस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती।

    उन्होंने सरकार पर फायर सेफ्टी के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि गुजरात में पहले सूरत के तक्षशिला अग्निकांड और राजकोट के गेम जोन हादसे जैसे मामले हो चुके हैं, लेकिन सरकार सबक लेने को तैयार नहीं है। भाजपा सरकार में फायर सेफ्टी के नाम पर हफ्ता वसूली होती है और नेताओं तथा अधिकारियों की मिलीभगत से बिना सुरक्षा इंतजामों के भी फैक्ट्रियों को मंजूरी मिल जाती है।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में ऐसी व्यवस्था चल रही है, जहां पैसे देकर क्लियरेंस लिया जा सकता है, चाहे सुरक्षा मानकों का पालन हो या न हो। गोहिल ने कहा कि भाजपा नेताओं को पैसे लेते वक्त लोगों की जान की कीमत का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।

    इस हादसे ने एक बार फिर गुजरात में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और मजदूरों के परिजनों में आक्रोश है और वे इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेतों में भी मानव अंग मिले, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फायर ब्रिगेड की टीम को आग पर काबू पाने में पांच-छह घंटे लगे। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि उस वक्त फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, और राहत कार्य शुरू किए गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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